दबंग के रूप में एक अंतराल के बाद मनोरंजन के हर तत्व से भरपूर मसाला फिल्म आई है। दबंग में कभी हंसने तो कभी रोने के लिए विवश कर देने वाली रोचक पारिवारिक कहानी, सांसें थमा देने वाला दमदार एक्शन, मजेदार रोमांस, नया स्टाइल एवं मधुर गीत-संगीत है। अभिनव सिंह कश्यप निर्देशित फिल्म दबंग हिंदी भाषा में बनी हिंदी प्रदेश की कहानी है।
चुलबुल दो साल का था, जब उसके पिता का देहांत हो जाता है। चुलबुल की मां प्रजापति पांडे से दूसरी शादी करती है। चुलबुल को ऐसा लगता है कि प्रजापति पांडे उससे प्यार नहीं करते। वे अपने बेटे मक्खी को ज्यादा प्यार करते हैं। बचपन में चुलबुल के मन में सौतेले पिता के प्रति नफरत भर जाती है। दबंग उत्तर प्रदेश के लालगंज की कहानी है। चुलबुल बड़ा होकर थानेदार बनता है। चुलबुल निर्भीक, निडर, साहसी और दबंग है। वह कानून के हिसाब से न्याय नहीं करता। चुलबुल को राजो से पहली नजर में प्यार होता है तो वह निर्भीकता से उसके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखता है। चुलबुल बैंक के लुटेरों को खुद लूटता है। चुलबुल भ्रष्ट अधिकारी है। चुलबुल जब स्थानीय उभरते नेता छेदी सिंह के गैर कानूनी काम में हस्तक्षेप करता है तो वह आग-बबूला हो जाता है। चुलबुल पांडे और उसके मंदबुद्धि छोटे भाई मक्खी के बीच के फर्क का फायदा छेदी सिंह उठाता है। वह परिवार की लड़ाई में राजनीति करता है। मक्खी का वह अपने राजनैतिक लाभ के लिए गलत इस्तेमाल करता है।
दबंग में लंबे समय के बाद चुलबुल पांडे के रूप में एक अजीज हीरो और छेदी सिंह के रूप में एक बेजोड़ खलनायक नजर आता है। दबंग का मुख्य आकर्षण सलमान खान हैं। चुलबुल पांडे के नटखट एवं दमदार चरित्र में वे जंचते हैं। सोनू सूद के कॅरियर का यादगार चरित्र है छेदी सिंह। उभरते नेता छेदी सिंह की कुटिलता और छद्म को सोनू ने सही तरीके से अभिव्यक्त किया है।
सोनाक्षी सिन्हा की तारीफ करनी चाहिए कि मुंबई में पली-बढ़ी होने के बावजूद वे गांव की राजो के किरदार की बारीकियों को पकड़ने और उसे अभिव्यक्त करने में सफल रही हैं। मक्खी के किरदार में अरबाज खान एवं दंपत्ति के रूप में विनोद खन्ना और डिंपल कपाडि़या अच्छे हैं। माही गिल निर्मला की छोटी भूमिका में असर नहीं छोड़ पातीं। दबंग के चरित्रों की भाषा, वेशभूषा, रहन-सहन, घर के अंदर की सजावट एवं प्रॉपर्टी में वास्तविकता है। अभिनव सिंह कश्यप पहली फिल्म से एक दक्ष निर्देशक के रूप में उभरे हैं। अभिनव सिंह कश्यप और दिलीप शुक्ला लिखित दबंग की एक खासियत संवाद हैं। दबंग में एक बात स्पष्ट नहीं होती कि चुलबुल पांडे तो समस्तीपुर के हैं, लेकिन बाकी पात्र छेदी सिंह, राजो, निर्मला आदि कहां से हैं?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment